नई दिल्ली: UPI से भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए चार्ज और GST को लेकर समय-समय पर कई तरह की खबरें सामने आती रहती हैं। खासतौर पर ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर GST लगाए जाने की खबरों ने लोगों के बीच भ्रम पैदा किया था। अब सरकार के आधिकारिक स्पष्टीकरण से इस मामले की तस्वीर साफ हो चुकी है।
वित्त मंत्रालय ने 18 अप्रैल 2025 को PIB के माध्यम से स्पष्ट किया था कि ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर GST लगाने का सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार ने इस तरह के दावों को गलत, भ्रामक और निराधार बताया था।

₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर क्या है नियम?
सरकार के मुताबिक, UPI ट्रांजैक्शन पर सीधे GST लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। PIB की आधिकारिक प्रेस रिलीज में बताया गया कि GST उन शुल्कों पर लगाया जाता है जो भुगतान से जुड़े होते हैं, जैसे Merchant Discount Rate यानी MDR।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जनवरी 2020 से Person-to-Merchant यानी P2M UPI transactions पर MDR को हटा दिया गया था। चूंकि UPI transactions पर MDR नहीं लिया जा रहा है, इसलिए इन transactions पर उससे संबंधित GST भी लागू नहीं है।
क्या UPI से पैसे भेजने पर अलग से चार्ज देना होगा?
फिलहाल सरकार की इस आधिकारिक स्थिति के आधार पर UPI भुगतान पर अलग से GST लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
हालांकि, UPI के अलग-अलग प्रकार के लेनदेन को समझना जरूरी है। P2P का मतलब व्यक्ति से व्यक्ति को भुगतान, जबकि P2M का मतलब व्यक्ति से व्यापारी को भुगतान होता है। दोनों की व्यवस्था और नियम अलग हो सकते हैं।
इसलिए सोशल मीडिया पर चलने वाली ऐसी खबरों पर भरोसा करने से पहले यह देखना जरूरी है कि उसके पीछे सरकार, RBI या NPCI का आधिकारिक आदेश है या नहीं।
UPI पर सरकार की बड़ी पहल
सरकार UPI के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए लंबे समय से प्रोत्साहन योजना चला रही है। PIB के अनुसार, कम मूल्य वाले UPI P2M transactions को बढ़ावा देने के लिए वित्त वर्ष 2021-22 से Incentive Scheme लागू है। इसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों की transaction cost को कम करना और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है।
2026 में UPI इस्तेमाल करने वालों की संख्या कितनी है?
वित्त मंत्रालय की 20 जुलाई 2026 की आधिकारिक PIB रिलीज के अनुसार, जून 2026 तक UPI प्लेटफॉर्म पर 55.49 करोड़ यूजर्स onboard हो चुके थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में UPI पर कुल 24,161.69 करोड़ transactions हुए और इनकी कुल वैल्यू करीब ₹314.23 लाख करोड़ रही।
यानी UPI भारत के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
UPI पर आगे भी नजर रखें
NPCI की आधिकारिक वेबसाइट पर UPI से संबंधित नए circulars और operational updates लगातार जारी किए जाते हैं। इसलिए UPI के चार्ज, transaction limits या दूसरे नियमों में किसी बदलाव की जानकारी के लिए NPCI और सरकार के आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देना सबसे सुरक्षित तरीका है।
निष्कर्ष
UPI users के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ₹2,000 से अधिक के UPI transactions पर GST लगाने का कोई सरकारी प्रस्ताव नहीं है। वित्त मंत्रालय ने खुद इस दावे को गलत और भ्रामक बताया है।
वहीं, जून 2026 तक 55.49 करोड़ यूजर्स और वित्त वर्ष 2025-26 में ₹314 लाख करोड़ से ज्यादा के transaction value के साथ UPI भारत के डिजिटल भुगतान का एक प्रमुख माध्यम बना हुआ है।
डिस्क्लेमर: UPI से जुड़े नियम समय-समय पर सरकार, RBI और NPCI द्वारा बदले जा सकते हैं। किसी नए चार्ज या नियम की पुष्टि के लिए हमेशा आधिकारिक सरकारी/ NPCI सूचना को ही अंतिम आधार माना जाना चाहिए।
आधिकारिक स्रोत
- वित्त मंत्रालय/PIB: ₹2,000 से अधिक UPI transactions पर GST को लेकर सरकारी स्पष्टीकरण।
- वित्त मंत्रालय/PIB, 20 जुलाई 2026: UPI users और FY 2025-26 के transaction आंकड़े।
- NPCI: UPI के आधिकारिक circulars और updates।


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