in Blog
देहरादून: मां ने ही 15 वर्षीय बेटी का कराया सौदा, अपहरण की झूठी कहानी का पुलिस ने किया खुलासा
डेढ़ लाख रुपये में बेटी को बेचने का आरोप, शादी के लिए दो लाख में हुई दूसरी डील

देहरादून उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के कथित अपहरण का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह अलग निकला। जांच के दौरान सामने आया कि बच्ची की मां ने ही उसे शादी के उद्देश्य से बेच दिया था। जब सौदे की पूरी रकम नहीं मिली तो उसने बेटी के अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
क्या है पूरा मामला?
राजपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने अपनी 15 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा था, इसलिए इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
पुलिस जांच में कैसे खुली सच्चाई?
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली। जांच में पता चला कि नाबालिग उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर गोपनीय अभियान चलाया और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मनीष और लवी कुमार नामक दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सामने आया चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपी लवी कुमार ने बताया कि उसने एक महिला की मदद से नाबालिग को उसकी मां से करीब 1.5 लाख रुपये में खरीदा था। इसके बाद उसने उसी लड़की को 2 लाख रुपये में मनीष के हाथों बेच दिया। पुलिस के अनुसार, मनीष ने नाबालिग को विवाह करने के उद्देश्य से खरीदा था।
मां समेत चार आरोपी गिरफ्तार
दोनों आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरनगर से पिंकी मलिक और देहरादून के आईटी पार्क, सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र से नीलम देवी को गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में अब तक पीड़िता की मां सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
जांच में सामने आए तथ्यों के बाद पुलिस ने मुकदमे में कई गंभीर धाराएं जोड़ दी हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 3(5), 65(1), 87 और 143 के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(L)/6 एवं 16/17 भी शामिल की गई हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में हर पहलू की गंभीरता से जांच की जाती है। इस मामले में समय रहते तकनीकी जांच और पुलिस कार्रवाई के चलते बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सका।


GIPHY App Key not set. Please check settings