- कागज के नोटों की तुलना में कई गुना अधिक टिकाऊ।
- जल्दी फटते या खराब नहीं होते।
- नकली नोट बनाना अधिक कठिन।
- पानी और नमी से कम प्रभावित होते हैं।
- लंबे समय तक चलने से नए नोट छापने की लागत कम होती है।
in भारत
**कागज के नोट होंगे बंद? सरकार का बड़ा फैसला, जानिए कब आएंगे प्लास्टिक नोट और क्या होंगे पुराने नोट बंद

नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट सोशल मीडिया पर इन दिनों यह चर्चा तेज है कि **क्या भारत में कागज के नोट बंद होने वाले हैं? क्या 2016 जैसी नोटबंदी फिर होगी? इन सवालों के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और सरकार की ओर से बड़ा अपडेट सामने आया है।
क्या कागज के नोट बंद हो जाएंगे?
नहीं। फिलहाल सरकार या RBI ने मौजूदा कागज के नोटों को बंद करने या अमान्य घोषित करने का कोई फैसला नहीं लिया है।** पहले वायरल हुए दावे कि 30 जून 2026 से सभी कागज के नोट बंद हो जाएंगे, उन्हें PIB Fact Check और RBI ने पूरी तरह फर्जी बताया
फिर नया फैसला क्या है?
RBI ने घोषणा की है कि भारत में पहली बार प्लास्टिक (Polymer) करेंसी नोट अगले वित्त वर्ष (अप्रैल 2027 से) की शुरुआत में पायलट आधार पर जारी किए जा सकते हैं। हालांकि यह फैसला फील्ड ट्रायल के सफल रहने पर निर्भर करेगा।
कौन-से नोट पहले आएंगे?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शुरुआती चरण में ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद परिणामों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।
प्लास्टिक नोट क्यों लाए जा रहे हैं?
RBI के अनुसार पॉलीमर नोटों के कई फायदे हैं
क्या पुराने नोट बदलने होंगे?
नहीं। RBI ने स्पष्ट किया है कि पुराने कागज के नोट तुरंत बंद नहीं होंगे। पॉलीमर और कागज के नोट कुछ समय तक साथ-साथ चलेंगे और दोनों ही वैध (Legal Tender) रहेंगे। ([The Economic Times][2])
क्या यह नोटबंदी जैसी प्रक्रिया होगी?
बिल्कुल नहीं।
लोगों को बैंक में लाइन लगाने की जरूरत नहीं होगी।
पुराने नोट अचानक अमान्य नहीं होंगे।
धीरे-धीरे नए नोट बाजार में आएंगे और पुराने नोट सामान्य प्रक्रिया के तहत बदलते
दुनिया के किन देशों में प्लास्टिक नोट चल रहे हैं?
ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, न्यूजीलैंड समेत कई देशों में पॉलीमर नोट पहले से सफलतापूर्वक उपयोग किए जा रहे हैं। इन्हीं अनुभवों को देखते हुए भारत भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
भारत में कागज के नोट अभी बंद नहीं हो रहे हैं। सरकार और RBI का उद्देश्य नोटबंदी करना नहीं, बल्कि अधिक सुरक्षित और टिकाऊ पॉलीमर करेंसी को चरणबद्ध तरीके से लाना है। यदि ट्रायल सफल रहता है तो अगले वित्त वर्ष से इसकी शुरुआत हो सकती है, लेकिन मौजूदा नोट फिलहाल पूरी तरह वैध रहेंगे। ([The Economic Times][2])

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